रायगढ़ : राम मंदिर में कथित चोरी और चंदे के हिसाब को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला; फॉरेंसिक ऑडिट की मांग

रायगढ़: राम मंदिर में हुई कथित चोरी और मंदिर से संबंधित वित्तीय प्रबंधन को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर बुधवार को रायगढ़ जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में पार्टी नेताओं ने राम मंदिर के चंदे, चढ़ावे और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस की मुख्य मांगें

  • फॉरेंसिक ऑडिट: कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और निर्माण कार्यों में हुए खर्च का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
  • निष्पक्ष जांच: पार्टी ने मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जांच केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसमें शामिल हर स्तर के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
  • वित्तीय पारदर्शिता: नेताओं ने आरोप लगाया कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं, इसलिए मंदिर से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी होनी चाहिए।

आस्था के नाम पर राजनीति का आरोप

जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि भाजपा राम मंदिर के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब मंदिर में चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के सवाल उठते हैं, तो वे चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई मंदिर निर्माण में समर्पित की है, इसलिए उन्हें पाई-पाई का हिसाब जानने का अधिकार है।

कांग्रेस नेताओं के तीखे सवाल

जिला प्रभारी प्रेमचंद जायसी और प्रवक्ता तारेन्द्र डनसेना ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस का तर्क है कि यदि मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था पारदर्शी है, तो स्वतंत्र जांच और ऑडिट से डरने की क्या आवश्यकता है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में अनियमितता हुई है, तो शीर्ष स्तर पर बैठे जिम्मेदार लोगों की भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
पत्रकारवार्ता में अनिल अग्रवाल, हरेराम तिवारी, विकास ठेठवार, सत्यप्रकाश शर्मा, वशीम खान, संदीप अग्रवाल, रजत गोयल एवं आरिफ हुसैन सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता की मांग को लेकर अपना दबाव जारी रखेंगे।

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